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छठ पूजा का तीसरा दिन

आज शाम को घाटों पर लगेगा मेला, अस्त होते सूर्य को दिया जाएगा अर्घ्य जानिए हरियाणा में किस समय होगा सूर्यास्त

Satyakhabarindia

कार्तिक शुक्ल षष्ठी को व्रती पूरा दिन निर्जला उपवास रखते हैं और शाम को नदी-तालाब के घाटों पर जाकर अस्त होते सूर्य को अर्घ्य अर्पित करते हैं। इस दौरान बांस की टोकरी या थाली में फल-फूल व प्रसाद रखकर सूर्य को दूध मिश्रित जल से अर्घ्य दिया जाता है।
एक दशक पहले तक हरियाणा में यह ज्यादा धूमधाम से नहीं मनाया जाता था लेकिन पिछले एक दशक में पूर्वांचलियों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है और इस कारण अब हरियाणा में भी इस त्यौहार की जमकर चर्चा होती है।

धनतेरस और दिवाली के बाद लोक आस्था का महापर्व छठ मनाया जाता है। यह त्योहार चार दिन तक चलता है। इसकी शुरुआत नहाय-खाय से होती है। दूसरे दिन खरना का विधान है। तीसरे दिन अस्त होते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। चौथे व अंतिम दिन उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित करने की परंपरा है। आज छठ पर्व का तीसरा दिन है. इस दिन शाम के समय अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा।

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छठ के तीसरे दिन की पूजा
कार्तिक शुक्ल षष्ठी के दिन व्रती निर्जला उपवास रखते हैं और शाम के समय नदी, तालाब या किसी जल स्रोत के किनारे पहुंचकर डूबते सूर्य को अर्घ्य अर्पित करते हैं। इस समय सूर्य देव को दूध और जल मिश्रित जल से अर्घ्य देने की परंपरा होती है। इसके बाद कार्तिक शुक्ल सप्तमी तिथि यानी की छठ पूजा के चौथे दिन सुबह-सुबह उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। इसी के साथ यह व्रत समाप्त हो जाता है।

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छठ पूजा में तीसरे दिन की पूजा का सबसे बड़ा महत्व है। प्रदेश सरकार ने हरियाणा में भर्ती पूर्वांचलियों की संख्या को देखते हुए नहरों पर छठ पूजा घाट भी बनाने का काम किया है। ‌जहां पर पूर्वांचल के लोग अपनी आस्था के साथ पूजा कर सकते हैं। कई स्थानों पर तो घाटों को अच्छे तरीके से सजाया भी गया है। प्रदेश सरकार ने पहले दिल्ली को ध्यान में रखते हुए दिल्ली को पानी देने का फैसला किया था और यमुना नदी पर बने हुए घाटों को ठीक करने का काम किया था। इसके बाद हरियाणा के बाकी इलाकों में नहरों में पानी नहीं होने के कारण पूर्वांचल के लोगों को दिक्कत होने की संभावना पैदा हो गई थी जिसके बाद प्रशासन ने सभी जगह पर थोड़ा-थोड़ा पानी पूजा के लिए छोड़ने का काम किया।

हरियाणा में किस समय दिया जाएगा अर्घ्य

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छठ पूजा के तीसरे दिन अस्त होते सूर्य को अर्घ्य देने का प्रावधान है। हरियाणा में सबसे पहले फरीदाबाद में 5:39 पर सूर्यास्त होगा जबकि सिरसा में सबसे देर में 5:45 पर सूर्यास्त होगा। गुड़गांव में 5:40, हिसार में 5:45, करनाल में 5:39, महेंद्रगढ़ में 5:44, पंचकूला में 5:39, पानीपत में 5:40 पर सूर्यास्त होगा। छठ पूजा करने वाले पूर्वांचल के लोग इस दौरान सूर्य को अर्घ्य देकर अपनी मनोकामना पूरी कर सकते हैं।

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